Jai Shree Radhe-Krishna Ji

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 Jai Shree Radhe-Krishna Ji

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Lord Shree Krishna Ne Mahabharat Mein Kahan Hai:

” Mujhe Dhoondna Hai Toh Apne Mann Mein Dhoondhon, Main Sabke Ke Mann Mein Hi Rehta Hoon “

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जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी |

द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन एक किसान के खेत में स्वयं हल चलाते है | उसके बाद अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण जी से कहते है कि हे केशव परिश्रम करके शक्ति बढ़ गयी | अर्जुन के मुख से यह सुनकर भगवान श्रीकृष्ण जी ने कहाँ – ” परिश्रम करके नहीं पार्थ सहायता करके शक्ति बढ़ गयी “

जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी |


जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी

भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत में कहाँ है:

” एक व्यक्ति यदि यह कहे की मैं मेरे अपनों को संसार के सारे सुख दूंगा तो वह उस व्यक्ति का प्रेम नहीं मोह हैं |

एक व्यक्ति यदि यह कहे की ईश्वर मेरे अपनों को संसार के सारे सुख देंगें तो वह उस व्यक्ति का मोह नहीं प्रेम हैं | “

मोह बंधन देता है और प्रेम मुक्ति देता है |

जय श्री राधे-कृष्ण जी | जय श्री राधे-कृष्ण जी


Bhagwaan Shree Krishna Ji Ne Mahabharat Mein Kahan Hai

Manushay Yadi Aachai Ke Prati Samarpan Karta Hai, Toh Samay Manushay Se Uusi Prakar Ke Karyeh Karvata Hai

Manushay Yadi Burrai Ke Prati Samarpan Karta Hai, Toh Samay Manushay Se Uusi Prakar Ke Karyeh Karvata Hai


Jai Shree Radhe-Krishna Ji

Sukh-Dukh, Dharm-Adharm, Nyah-Annyah, Punyeh-Paap, Niti-Aniti, Yog-Viyog, Gyan-Aggyan, Acchai-Burrai, Ekta-Anekta, Tark-Vitark, Shubh-Ashubh, Haani-Laabh, Jai-Parajai, Yash-Upyash, Keerti-Upkeerti, Vigyaan, Vidhi-Vidhiyaaan, Haani-Laabh, Yash-Upyash, Jai-Prajai

Bhagwan Shree Krishna Ji Inn Sabse Pare Hai, Bhagwaan Shree Krishna Ji Ko Toh Sirf Nih:Swarth Prem Aur Bhakti Bhaav Se Paaya Ja Sakta Hai

Jai Shree Radhe-Krishna Ji


Jai Shree Radhe-Krishna Ji

Jisne Ishwar Ko Paa Liya Usne Sab Kuch Paa Liya Aur Jisne Ishwar Ko Nahi Paaya Usne Kuch Nahi Paaya

Jai Shree Radhe-Krishna Ji


Jahan Krishna Hai Wahin Dwarika Hai


Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna

Shree Krishna Ishwar Hai, Satya Hai, Shanti Hai, Dharti Hai, Aakash Hai, Hari Hai, Bharahma Hai, Shiva Hai, Sab Kuch Hai

Jisne Shree Krishna Ko Paa Liya Usne Sab Kuch Paa Liya Aur Jisne Shree Krishna Ko Nahi Paaya Usne Kuch Nahi Paaya

Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna Krishna


Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji

Dharmakshetra Mein Lord Shree Radha-Krishna Ji Ne Kahan Hai
” Jisne Mujhe Apna Sakha Banaya Hai Main Usi Ka Hua Hoon Sada Sada Ke Liye “

Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji Jai Shree Radhe-Krishna Ji


जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी

अगर हमारे साथ कुछ अच्छा होता है तो हमें लगता है कि भगवान हमारे साथ है और हमारी भगवान के प्रति आस्था बढ़ने लगती है |

और

यदि हमारे साथ कुछ बुरा होता है तो हमें लगता है कि भगवान हमारे साथ नहीं है और हमारी भगवान के प्रति नफरत बढ़ने लगती है |

इस संदर्भ में कहाँ गया है – भगवान तो भगवान ही होता है, चाहे फिर भगवान से नफरत करों या फिर चाहे प्रेम करों |

महाभारत में भगवान श्रीकृष्णा जी ने कहाँ है – अगर किसी मनुष्य के साथ अन्याय होता है तो उसके पास सिर्फ 2 मार्ग होते है :

1) ( सर्वनाश का मार्ग ) प्रतिशोध लेना : जो खुद के साथ हुआ है , वही सबके भी साथ हो |

२) ( मोक्ष का मार्ग ) रक्षा करना : जो खुद के साथ हुआ है , वह संसार में कभी भी और किसी के साथ भी कभी ना हो |

अब यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि वो सर्वनाश के मार्ग पर चलना चाहता है या फिर मुक्ति के मार्ग पर |

जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी

Jai Shree Radha-Krishna JI


Jai Shree Radhe-Krishna Ji | Jai Shree Radhe-Krishna Ji

” Sampoorn Vidhwans Hi Nav-Nirmaan Ka Kaaran Hai “

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जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी

जगतपिता भगवान श्रीब्रह्मा जी ने जब सम्पूर्ण सृष्टि की रचना की तब सृष्टि के कण-कण में चेतना जाग्रित करने के लिए सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीमन नारायण जी सम्पूर्ण सृष्टि के कण-कण में समा गए |

इसीलिए कहाँ गया है : – ” भगवान हर जगह है, हर समय है ”

जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी


जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी

महाभारत में श्रीमन नारायण भगवान वासुदेव श्रीकृष्णचंद्र जी ने कहा है :

मैं सहायता तब करता हूँ जब सत्य और धर्म की रक्षा के सारे मार्ग बंद हो जाते है व आशा की अंतिम उम्मीद भी टूट जाती है |

जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी


Jai Shree Radhe-Krishna Ji | Jai Shree Radhe-Krishna Ji

Hey Shree Krishna Bhagwaan Jisne Aapko Paa Liya Usne Sab Kuch Paa Liya Aur Jisne Shree Krishna Bhagwaan Aapko Nahi Paaya Usne Kuch Nahi Paaya, Shree Krishna Bhagwaan Aapse Bada Koi Nahi, Shree Krishna Bhagwaan Aap Hi Sab Kuch Ho

Jai Shree Radhe-Krishna Ji | Jai Shree Radhe-Krishna Ji


Jai Shree Radhe-Krishna Ji | Jai Shree Radhe-Krishna Ji
Mahabharat Mein Shreeman Narayan Bhagwaan Vasudev Shree Krishnachandra Ji Ne Kahan Hai:
( Mrityulok Ke Niyamanusaar ) ” Manushay Ka Mitr Aur Manushay Ka Shatru – Veh Swayam Hai “
( Mrityulok Ke Niyamanusaar ) ” Manushay Ka Patan Aur Bhala Karne Waala – Veh Swayam Hai “
Jai Shree Radhe-Krishna Ji | Jai Shree Radhe-Krishna Ji

जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी

महाभारत में श्री कृष्णा भगवान ने कहाँ है : –

ईश्वर सब में है , सब में ईश्वर है

मनुष्य स्वयम ही अपना शत्रु है , मनुष्य स्वयम ही अपना मित्र भी है

मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वो अपना पतन/नाश ना होने दे और स्वयम ही अपना उद्धार/कल्याण करें |

जय श्री राधा-कृष्णा जी | जय श्री राधा-कृष्णा जी


स्वर्ग फिल्म में कहाँ है : ” दुनिया की हर ज़ुबान में एक कहावत है : – ईश्वर की लाठी में आवाज़ नहीं होती “

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